जितांचा इतिहास जेते लिहितात, म्हणून इतिहासाचे विकृतिकरण होते. ॲडॉल्फ
हिटलरवर अनेक गंभीर आरोप केले जातात. त्यांतील सर्वांत प्रमुख आरोपांपैकी
एक म्हणजे त्यांनी आपल्या युद्धासक्त प्रवृत्तीमुळे दुसरे महायुद्ध घडवून
आणले नि जगाचा विनाश केला.
ॲडॉल्फ हिटलर आणि दुसरे महायुद्ध याबाबत सत्य आणि विपर्यास
Adolf Hitler Ani Dusre Mahayuddha (Marathi) by Parag Vaidya
ॲडॉल्फ हिटलर आणि दुसरे महायुद्ध
- Author : Parag Vaidya
- Pages : 740
- Language : Marathi
- Publisher : Continental Prakashan
Adolf Hitler Aani Dusre Mahayuddha Satya Aani Viparyas (Marathi)by Parag Vaidya (Author)
₹600.00
CompareBased on 1 review
Add a review Cancel reply
You must be logged in to post a review.
General Inquiries
There are no inquiries yet.
Related products
- Books, Hinduism, Religion
Chanakya Neeti(in HINDI)
Rated 5.00 out of 5(1)चाणक्य नीति—महेश शर्मा विष्णुगुप्त चाणक्य एक असाधारण बालक थे। उनके पिता चणक एक शिक्षक थे। वह भी शिक्षक बनना चाहते थे। उन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय में राजनीति और अर्थशात्र की शिक्षा ग्रहण की। इसके पूर्व वेद, पुराण इत्यादि वैदिक साहित्य का उन्होंने किशोर वय में ही अध्ययन कर लिया था। उनकी कुशाग्र बुद्धि और तार्किकता से उनके साथी तथा शिक्षक भी प्रभावित थे; इसी कारण उन्हें ‘कौटिल्य’ भी कहा जाने लगा। अध्ययन पूरा करने के बाद तक्षशिला विश्वविद्यालय में ही चाणक्य अध्यापन करने लगे। इसी दौर में उत्तर भारत पर अनेक विदेशी आक्रमणकारियों की गिद्धदृष्टि पड़ी, जिनमें सेल्यूकस, सिकंदर आदि प्रमुख हैं। परंतु चाणक्य भारतवर्ष को एकीकृत देखना चाहते थे। इसलिए उन्होंने तक्षशिला में अध्यापन-कार्य छोड़ दिया और राष्ट्रसेवा का व्रत लेकर पाटलिपुत्र आ गए।
SKU: n/a - Biographies & Autobiographies, Books
Vivekanand Ki Atmakatha: An Autobiography of Vivekananda | The Life of Swami Vivekananda (Hindi Edition)
Biographies & Autobiographies, BooksVivekanand Ki Atmakatha: An Autobiography of Vivekananda | The Life of Swami Vivekananda (Hindi Edition)
Rated 5.00 out of 5(1)✔✔ ♥ स्वामी विवेकानंद♥ नवजागरण के पुरोधा थे। उनका चमत्कृत कर देनेवाला व्यक्तित्व, उनकी वाक्शैली और उनके ज्ञान ने भारतीय अध्यात्म एवं मानव-दर्शन को नए आयाम दिए। मोक्ष की आकांक्षा से गृह-त्याग करनेवाले विवेकानंद ने व्यक्तिगत इच्छाओं को तिलांजलि देकर दीन-दुःखी और दरिद्र-नारायण की सेवा का व्रत ले लिया।
★★ उन्होंने पाखंड और आडंबरों का खंडन कर धर्म की सर्वमान्य व्याख्या प्रस्तुत की। इतना ही नहीं, दीन-हीन और गुलाम भारत को विश्वगुरु के सिंहासन पर विराजमान किया।
✔✔ ऐसे प्रखर तेजस्वी, आध्यात्मिक शिखर पुरुष की जीवन-गाथा उनकी अपनी जुबानी प्रस्तुत की है प्रसिद्ध बँगला लेखक श्री शंकर ने।
★★ अद्भुत प्रवाह और संयोजन के कारण यह आत्मकथा पठनीय तो है ही, प्रेरक और अनुकरणीय भी है।
SKU: n/a

Bhagavad Gita As It Is - Marathi Hardcover – 1 January 2013







Puneet Khare (verified owner) –
I’m caught 🙂 Find my love and will never buy in any other shop.
Puneet Khare –