Category: Books
Based on 0 reviews
Be the first to review “Kal Sarkat Rahila (काळ सरकत राहिला) By Vaibhav Joshi”
You must be logged in to post a review.
No more offers for this product!
General Inquiries
There are no inquiries yet.
Transform Life (Marathi) by Dr.Vijay Deshmukh
Pandepuran - Piyush Pande
डाळमिक्स पीठ
Rythem King O P Nayyar (Marathi) bu Swapni Pore
Don't Loose Your weight Subtotal: ₹998.00
You must be logged in to post a review.
There are no inquiries yet.
चाणक्य नीति—महेश शर्मा विष्णुगुप्त चाणक्य एक असाधारण बालक थे। उनके पिता चणक एक शिक्षक थे। वह भी शिक्षक बनना चाहते थे। उन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय में राजनीति और अर्थशात्र की शिक्षा ग्रहण की। इसके पूर्व वेद, पुराण इत्यादि वैदिक साहित्य का उन्होंने किशोर वय में ही अध्ययन कर लिया था। उनकी कुशाग्र बुद्धि और तार्किकता से उनके साथी तथा शिक्षक भी प्रभावित थे; इसी कारण उन्हें ‘कौटिल्य’ भी कहा जाने लगा। अध्ययन पूरा करने के बाद तक्षशिला विश्वविद्यालय में ही चाणक्य अध्यापन करने लगे। इसी दौर में उत्तर भारत पर अनेक विदेशी आक्रमणकारियों की गिद्धदृष्टि पड़ी, जिनमें सेल्यूकस, सिकंदर आदि प्रमुख हैं। परंतु चाणक्य भारतवर्ष को एकीकृत देखना चाहते थे। इसलिए उन्होंने तक्षशिला में अध्यापन-कार्य छोड़ दिया और राष्ट्रसेवा का व्रत लेकर पाटलिपुत्र आ गए।
Select at least 2 products
to compare

There are no reviews yet.