Category: Books
Based on 0 reviews
Be the first to review “Rajmukut (राजमुकुट) by V. V. Shirwadkar”
You must be logged in to post a review.
No more offers for this product!
General Inquiries
There are no inquiries yet.
Adolf Hitler Ani Dusre Mahayuddha (Marathi) by Parag Vaidya
The Guns of Navarone
Ghar Harvaleli Manase by V.P.Kale Subtotal: ₹1,110.00
You must be logged in to post a review.
There are no inquiries yet.

✔✔ ♥ स्वामी विवेकानंद♥ नवजागरण के पुरोधा थे। उनका चमत्कृत कर देनेवाला व्यक्तित्व, उनकी वाक्शैली और उनके ज्ञान ने भारतीय अध्यात्म एवं मानव-दर्शन को नए आयाम दिए। मोक्ष की आकांक्षा से गृह-त्याग करनेवाले विवेकानंद ने व्यक्तिगत इच्छाओं को तिलांजलि देकर दीन-दुःखी और दरिद्र-नारायण की सेवा का व्रत ले लिया।
★★ उन्होंने पाखंड और आडंबरों का खंडन कर धर्म की सर्वमान्य व्याख्या प्रस्तुत की। इतना ही नहीं, दीन-हीन और गुलाम भारत को विश्वगुरु के सिंहासन पर विराजमान किया।
✔✔ ऐसे प्रखर तेजस्वी, आध्यात्मिक शिखर पुरुष की जीवन-गाथा उनकी अपनी जुबानी प्रस्तुत की है प्रसिद्ध बँगला लेखक श्री शंकर ने।
★★ अद्भुत प्रवाह और संयोजन के कारण यह आत्मकथा पठनीय तो है ही, प्रेरक और अनुकरणीय भी है।
Select at least 2 products
to compare

There are no reviews yet.